चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भी खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अब तक 208 सड़कें और एक नेशनल हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हैं, जबकि 139 ट्रांसफार्मर और 745 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां चंडीगढ़-मनाली हाईवे समेत 157 सड़कें और 133 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। कांगड़ा में भी 612 पेयजल योजनाएं बंद हैं।
मंडी के चार मील इलाके में चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर फिर से मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया है। इससे पहले भी यहां लैंडस्लाइड हुआ था और 28 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद हाईवे को चालू किया गया था, लेकिन दोबारा मलबा गिरने से सड़क फिर बंद हो गई है। लगातार हो रही बारिश से सड़कें खोलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और येलो अलर्ट जारी किया है। गिरि जटन डैम और यमुना-गिरि नदियों का जलस्तर भी बढ़ने के कारण मैदानी इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
अब तक मॉनसून सीजन में प्रदेश में बारिश जनित हादसों में 98 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 लोग लापता और 178 घायल हुए हैं। अकेले मंडी में 21 लोगों की जान गई है। 1038 मकान, 188 दुकानें और 788 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें अकेले मंडी में 854 घर और 166 दुकानें शामिल हैं। कृषि और पशुपालन को भी भारी नुकसान हुआ है, 21,500 पोल्ट्री पक्षी और 954 मवेशी मारे गए हैं।
राज्य में 22 बादल फटने, 31 फ्लैश फ्लड और 18 भूस्खलन की घटनाएं अब तक दर्ज हो चुकी हैं। इससे करीब 770 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान आंका गया है, जिसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।